बरसों बरस की मित्रता है हमारी
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बरसों बरस की मित्रता है हमारी
हमारी पहली मुलाकात कब, कहां और कैसे हुई, याद नहीं। हां, यह जरूर याद है कि
जब हम पहली बार मिले तब ऐसा कतई नहीं लगा कि यह हमारी...
सैंसूं न्यारो घर है म्हारो / दीनदयाल शर्मा
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टाबरां री राजस्थानी कविता-
सैंसूं न्यारो घर है म्हारो / दीनदयाल शर्मा
सैंसूं चोखो सैंसूं न्यारो
घर म्हारो है सैंसूं प्यारो
ईंट-ईंट मीणत सूं जोड़ी
जणां...
नाती अभिमन्यु / चार अलग - अलग मुद्राओं में नाती...
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हम सपरिवार बेटी के ससुराल कूदन ( सीकर, राजस्थान.) गए . वहां सबसे मिले..
डेढ़ वर्षीय नाती अभिमन्यु की चंचलता ने मन मोह लिया..
चार अलग - अलग मुद्राओं में नात...
सपत्नीक सम्मानित.....
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विप्र फाउण्डेशन, हनुमानगढ़ की ओर से साहित्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए
समस्त ब्राह्मण समाज के भव्य समारोह में सपत्नीक सम्मानित करते हुए.....
आओ थोड़ा हँस लें.. 12
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आओ थोड़ा हँस लें.. 12
संता-बीवी से लड़ाई खत्म हो गई ?
बंता: अरे घुटने टेक कर आई थी मेरे पास।
संता-अच्छा!क्या बोली घुटने टेक कर ?
बंता: बोली कि बेड के नीचे ...
बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी : दीनदयाल शर्मा
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* बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी : **दीनदयाल शर्मा*
महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, प्रेमचन्द या टालस्टाय के बारे में 'कुछ'
लिखना बड़ा आसान...
नए साल में रहो सब पर दयाल जी!
ReplyDeleteभगवन रहे आप पर मेहरबान जी !!
नुवें साल में रह्यो सगळा पर दयाल जी !
भगवान् रहसी थारे पर मेहरबान जी !!
ਨਵੇਂ ਸਾਲ ਤੁਸੀਂ ਰਹਯੋ ਸਾਰੀਆਂ ਤੇ ਦਯਾਲ ਜੀ !
ਰਬ ਰਾਹੂ ਤੁਹਾਡੇ ਤੇ ਮੇਹਰਬਾਨ ਜੀ !!
نے سال میں رہو سب پر دیال جی
خدا رہے آپ پر مہربان جی